ब्रेक-अप: क्या करें और क्या ना करें?

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जिन रिश्तों से दोनों पार्टनर (साथी) को ख़ुशी ना मिले, शायद उनका ख़त्म हो जाना ही दोनों के लिए बेहतर होता है। यदि इस ब्रेकअप के बारे में पहल आप करने वाले हैं, तो याद रहे की ये काफी मुश्किल होगा। आपको ऐसा ज़रूर लगेगा की काश आपको ये शब्द न कहने पड़ते।

इस मुश्किल समय के लिए हमारी कुछ टिप्स:

क्या करें…

…तैयारी करके जायें

ये अच्छी तरह जान लें की आप ऐसा क्यूँ कर रहे हैं। यदि आपके साथी को इस बात का आभास नहीं है तो आपको काफी लम्बी बात समझनी पड़ सकती है। और इस तरीके से आपको ये चर्चा करने का भी मौका मिल जायेगा की क्या वाकई ब्रेकअप ही आखिरी आप्शन है?

…ये बात आमने सामने करें

जहाँ तक संभव हो, ये दुखद खबर अपने साथी को उनसे खुद मिलकर बताएं नाकि ईमेल, फोन या चैटिंग के ज़रिये। खुद मिलकर बातचीत के ज़रिये रिश्ते को ख़त्म करना आगे की ज़िन्दगी को सुलझाने में अवश्य मदद करता है।

…ऐसी जगह बात करें जहाँ आपका साथी सहेज महसूस करे

एक भीडभाड वाला रेस्टोरेंट ये बात करने के लिए शायद सही जगह न हो, खासकर जब मामला इतना संवेदनशील हो। ऐसी जगह चुनिए जहाँ आपका पार्टनर और आप आराम से बात कर सकें और अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकें।

…उनके रिएक्शन के लिए तैयार रहिये

किसी को छोड़ देना उनके लिए काफी तकलीफदेह एहसास हो सकता है। तो यदि आपका साथी यदि आप पर चिल्लाने लगे, रोये, बहस करे या बेकाबू हो जाये तो भी आश्चर्य की बात नहीं है। इस स्थिति में अपने आपको शांत रखें, और उनके नज़रिए से ये सोचें की टूटते रिश्ते का दर्द उन्हें शायद काफी है।

क्या नहीं करें…

…झूठ

अपने पार्टनर को सब कुछ सच और इमानदारी से बता देना सही है। उन्हें सच बातें की आपके अनुसार रिश्ते में क्या कमियाँ थी। हो सकता है की ये कठोर हो, लेकिन उनके लिए अच्छा ही साबित होगा। ये जानना अछि बात है की आखिर क्या गलत हुआ?

…निर्दयी ना बनें

ब्रेकअप अपने आप में ही काफी कठोर है। आपको इसे और कठोर बनाने की कोई ज़रूरत नहीं।. ईमानदार हनी का मतलब ये बिलकुल नहीं की आप निर्दयी और कठोर हो जायें। सच को सरलता से पेश करें।oldveda-logo-272

… स्पष्ट बात कहें

अपने पार्टनर को कोई दुविधा में न डालें। वही बात कहिये जो अप कहना कहते हैं। उन्हें कोई झूटी उम्मीद देना सही नहीं है, जैसे की “अभी हमारा रिश्ता सही नहीं चल पा रहा, शायद आगे चल के हम फिर से साथ हो जायें”। इस से उन्हें गलत उम्मीद हो जाएँगी।

…यु टर्न

जब एक बार अपने रिश्ते को ख़त्म करने का फैसला सोच समझ कर ले लिए, तो फिर अपने फैसले पर कायम रहे। आपका पार्टनर आपको विश्वास दिलाने की कोशिश ज़रूर करेगा की ‘एक मौका और’, लेकिन यदि वाकई कोई मजबूत वजह न हो तो इस मौके की कोई ज़रूरत नहीं है, जबकि आप फैसला कर चुके हों।